ज्योतिष में शनि: राशि के अनुसार अर्थ
लगभग 29 वर्ष; प्रति राशि ~2.5 वर्ष
शनि अनुशासन, सीमाएँ और परिपक्वता है। जहाँ शनि बैठा है वहाँ आप परखा हुआ महसूस कर सकते हैं, पर वहाँ धैर्यपूर्ण प्रयास स्थायी निपुणता बन जाता है। लगभग 29 और 58 वर्ष की आयु में उसकी वापसी प्रसिद्ध “शनि वापसी” है।
स्वामी: मकर
इसका भाव पढ़ना
शनि का भाव वह है जहाँ आप सबक का सामना करते हैं और सच्चा अधिकार बनाते हैं। देखें भावों के अर्थ।
प्रत्येक राशि में शनि
- शनि मेष में: मेष आपके सबक और ज़िम्मेदारियों को अग्रणी भावना, जुनून और गति से रंगता है।
- शनि वृषभ में: वृषभ आपके सबक और ज़िम्मेदारियों को स्थिरता, इंद्रियों और दृढ़ता से रंगता है।
- शनि मिथुन में: मिथुन आपके सबक और ज़िम्मेदारियों को बुद्धि, संवाद और जिज्ञासा से रंगता है।
- शनि कर्क में: कर्क आपके सबक और ज़िम्मेदारियों को सहानुभूति, परिवार और सुरक्षा से रंगता है।
- शनि सिंह में: सिंह आपके सबक और ज़िम्मेदारियों को आत्म-अभिव्यक्ति, गर्व और तेज से रंगता है।
- शनि कन्या में: कन्या आपके सबक और ज़िम्मेदारियों को विश्लेषण, सच्चाई और व्यावहारिकता से रंगती है।
- शनि तुला में: तुला आपके सबक और ज़िम्मेदारियों को सामंजस्य, सौंदर्य और संबंधों से रंगती है।
- शनि वृश्चिक में: वृश्चिक आपके सबक और ज़िम्मेदारियों को गहराई, एकाग्रता और परिवर्तन से रंगता है।
- शनि धनु में: धनु आपके सबक और ज़िम्मेदारियों को स्वतंत्रता, खोज और आशावाद से रंगता है।
- शनि मकर में: मकर आपके सबक और ज़िम्मेदारियों को ज़िम्मेदारी, महत्वाकांक्षा और धैर्य से रंगता है।
- शनि कुंभ में: कुंभ आपके सबक और ज़िम्मेदारियों को मौलिकता, मित्रता और भविष्य से रंगता है।
- शनि मीन में: मीन आपके सबक और ज़िम्मेदारियों को करुणा, कल्पना और उपचार से रंगता है।