ज्योतिष के 10 ग्रह और उनके अर्थ
ज्योतिष दस पिंडों का उपयोग करता है, जिनमें सूर्य और चंद्र को भी “ग्रह” गिना जाता है। गति के अनुसार वे तीन समूहों में बँटे हैं।
- व्यक्तिगत ग्रह (सूर्य–मंगल): तेज़ चलने वाले, व्यक्ति का स्वभाव बताते हैं।
- सामाजिक ग्रह (बृहस्पति, शनि): आप कैसे बढ़ते हैं और समाज में ज़िम्मेदारी का सामना करते हैं।
- पीढ़ीगत ग्रह (यूरेनस, नेपच्यून, प्लूटो): पूरी पीढ़ियों में साझा; भाव और पहलुओं से पढ़े जाते हैं।
| सूर्य | लगभग एक वर्ष में सभी 12 राशियों से गुज़रता है |
|---|---|
| चंद्र | प्रति राशि लगभग 2.5 दिन; पूरा चक्र ~27 दिन |
| बुध | प्रति चक्र लगभग एक वर्ष; वर्ष में ~3 बार वक्री |
| शुक्र | प्रति चक्र लगभग एक वर्ष; ~18 महीने में वक्री |
| मंगल | प्रति चक्र लगभग 2 वर्ष |
| बृहस्पति | लगभग 12 वर्ष; प्रति राशि ~1 वर्ष |
| शनि | लगभग 29 वर्ष; प्रति राशि ~2.5 वर्ष |
| यूरेनस | लगभग 84 वर्ष; प्रति राशि ~7 वर्ष |
| नेपच्यून | लगभग 165 वर्ष; प्रति राशि ~14 वर्ष |
| प्लूटो | लगभग 248 वर्ष |
वक्री क्या है?
कभी-कभी पृथ्वी से देखने पर कोई ग्रह राशिचक्र में पीछे की ओर चलता प्रतीत होता है — यही वक्री गति (℞) है। यह अलग-अलग कक्षीय गति से बना दृष्टि-भ्रम है। जन्म के समय वक्री ग्रह को प्रायः भीतर की ओर कार्य करने वाला माना जाता है।