ज्योतिष में सूर्य: राशि के अनुसार अर्थ
लगभग एक वर्ष में सभी 12 राशियों से गुज़रता है
सूर्य आपके सचेत स्व और उस व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करता है जो आप बन रहे हैं। आपकी “राशि” बस वही राशि है जिसमें जन्म के समय सूर्य था। यह कुंडली का केंद्र है और बताता है कि आप कहाँ चमकना चाहते हैं।
स्वामी: सिंह
इसका भाव पढ़ना
सूर्य का भाव जीवन का वह क्षेत्र दिखाता है जिसमें आप अपनी ऊर्जा लगाते हैं। देखें भावों के अर्थ।
प्रत्येक राशि में सूर्य
- सूर्य मेष में: मेष आपके उद्देश्य और सचेत स्व को अग्रणी भावना, जुनून और गति से रंगता है।
- सूर्य वृषभ में: वृषभ आपके उद्देश्य और सचेत स्व को स्थिरता, इंद्रियों और दृढ़ता से रंगता है।
- सूर्य मिथुन में: मिथुन आपके उद्देश्य और सचेत स्व को बुद्धि, संवाद और जिज्ञासा से रंगता है।
- सूर्य कर्क में: कर्क आपके उद्देश्य और सचेत स्व को सहानुभूति, परिवार और सुरक्षा से रंगता है।
- सूर्य सिंह में: सिंह आपके उद्देश्य और सचेत स्व को आत्म-अभिव्यक्ति, गर्व और तेज से रंगता है।
- सूर्य कन्या में: कन्या आपके उद्देश्य और सचेत स्व को विश्लेषण, सच्चाई और व्यावहारिकता से रंगती है।
- सूर्य तुला में: तुला आपके उद्देश्य और सचेत स्व को सामंजस्य, सौंदर्य और संबंधों से रंगती है।
- सूर्य वृश्चिक में: वृश्चिक आपके उद्देश्य और सचेत स्व को गहराई, एकाग्रता और परिवर्तन से रंगता है।
- सूर्य धनु में: धनु आपके उद्देश्य और सचेत स्व को स्वतंत्रता, खोज और आशावाद से रंगता है।
- सूर्य मकर में: मकर आपके उद्देश्य और सचेत स्व को ज़िम्मेदारी, महत्वाकांक्षा और धैर्य से रंगता है।
- सूर्य कुंभ में: कुंभ आपके उद्देश्य और सचेत स्व को मौलिकता, मित्रता और भविष्य से रंगता है।
- सूर्य मीन में: मीन आपके उद्देश्य और सचेत स्व को करुणा, कल्पना और उपचार से रंगता है।