ज्योतिष में बुध: राशि के अनुसार अर्थ
प्रति चक्र लगभग एक वर्ष; वर्ष में ~3 बार वक्री
बुध सोच, संवाद और सीखने की शैली का स्वामी है। वह सूर्य से 28° से अधिक दूर कभी नहीं जाता, इसलिए आपकी सूर्य राशि या उसके पड़ोसी में रहता है।
इसका भाव पढ़ना
बुध का भाव वह है जहाँ आपका मन सबसे अधिक सक्रिय रहता है। देखें भावों के अर्थ।
प्रत्येक राशि में बुध
- बुध मेष में: मेष आपकी सोच और संवाद को अग्रणी भावना, जुनून और गति से रंगता है।
- बुध वृषभ में: वृषभ आपकी सोच और संवाद को स्थिरता, इंद्रियों और दृढ़ता से रंगता है।
- बुध मिथुन में: मिथुन आपकी सोच और संवाद को बुद्धि, संवाद और जिज्ञासा से रंगता है।
- बुध कर्क में: कर्क आपकी सोच और संवाद को सहानुभूति, परिवार और सुरक्षा से रंगता है।
- बुध सिंह में: सिंह आपकी सोच और संवाद को आत्म-अभिव्यक्ति, गर्व और तेज से रंगता है।
- बुध कन्या में: कन्या आपकी सोच और संवाद को विश्लेषण, सच्चाई और व्यावहारिकता से रंगती है।
- बुध तुला में: तुला आपकी सोच और संवाद को सामंजस्य, सौंदर्य और संबंधों से रंगती है।
- बुध वृश्चिक में: वृश्चिक आपकी सोच और संवाद को गहराई, एकाग्रता और परिवर्तन से रंगता है।
- बुध धनु में: धनु आपकी सोच और संवाद को स्वतंत्रता, खोज और आशावाद से रंगता है।
- बुध मकर में: मकर आपकी सोच और संवाद को ज़िम्मेदारी, महत्वाकांक्षा और धैर्य से रंगता है।
- बुध कुंभ में: कुंभ आपकी सोच और संवाद को मौलिकता, मित्रता और भविष्य से रंगता है।
- बुध मीन में: मीन आपकी सोच और संवाद को करुणा, कल्पना और उपचार से रंगता है।