ज्योतिष में शुक्र: राशि के अनुसार अर्थ
प्रति चक्र लगभग एक वर्ष; ~18 महीने में वक्री
शुक्र दिखाता है कि आप क्या पसंद करते हैं, आपकी रोमांटिक शैली, रुचि और धन का आनंद लेने का ढंग। यह सूर्य से 48° के भीतर रहता है।
इसका भाव पढ़ना
शुक्र का भाव वह है जहाँ सुख, आकर्षण और रोमांस सहजता से मिलते हैं। देखें भावों के अर्थ।
प्रत्येक राशि में शुक्र
- शुक्र मेष में: मेष आपके प्रेम, रुचि और सुखों को अग्रणी भावना, जुनून और गति से रंगता है।
- शुक्र वृषभ में: वृषभ आपके प्रेम, रुचि और सुखों को स्थिरता, इंद्रियों और दृढ़ता से रंगता है।
- शुक्र मिथुन में: मिथुन आपके प्रेम, रुचि और सुखों को बुद्धि, संवाद और जिज्ञासा से रंगता है।
- शुक्र कर्क में: कर्क आपके प्रेम, रुचि और सुखों को सहानुभूति, परिवार और सुरक्षा से रंगता है।
- शुक्र सिंह में: सिंह आपके प्रेम, रुचि और सुखों को आत्म-अभिव्यक्ति, गर्व और तेज से रंगता है।
- शुक्र कन्या में: कन्या आपके प्रेम, रुचि और सुखों को विश्लेषण, सच्चाई और व्यावहारिकता से रंगती है।
- शुक्र तुला में: तुला आपके प्रेम, रुचि और सुखों को सामंजस्य, सौंदर्य और संबंधों से रंगती है।
- शुक्र वृश्चिक में: वृश्चिक आपके प्रेम, रुचि और सुखों को गहराई, एकाग्रता और परिवर्तन से रंगता है।
- शुक्र धनु में: धनु आपके प्रेम, रुचि और सुखों को स्वतंत्रता, खोज और आशावाद से रंगता है।
- शुक्र मकर में: मकर आपके प्रेम, रुचि और सुखों को ज़िम्मेदारी, महत्वाकांक्षा और धैर्य से रंगता है।
- शुक्र कुंभ में: कुंभ आपके प्रेम, रुचि और सुखों को मौलिकता, मित्रता और भविष्य से रंगता है।
- शुक्र मीन में: मीन आपके प्रेम, रुचि और सुखों को करुणा, कल्पना और उपचार से रंगता है।